मेरा मुद्दा ... मेरी सोच....!!!!!
मैं हमेशा इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार था कि मैं कुछ चीजें नहीं बदल सकता.
Wednesday, 12 March 2014
चले तो थे दोस्तों का काफिला लेकर ...
चले तो थे दोस्तों का काफिला लेकर ...
पर कुछ जुदा हो गए और कुछ
खुदा हो गए.....
कुछ गुमशुदा तो कुछ
शादीशुदा हो गए....
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